श्री गणेश
शिव पार्वती के पुत्र गणेश
विघ्नहर्ता मंगलकर्ता गणेश
चालाक और चपल गणेश
हर कार्य को बनायें सफल गणेश
मोदक जिनको बहुत है भाता
मूषक जिनको यात्रा कराता
मातृभक्ति में सर कटवाया
हाथी के शीश से फिर से जीवन पाया
और गजानन नाम पया
लिख महाभारत, दिया विश्व का सबसे बड़ा ग्रंथ
उसके लिए उपयोग कर अपने दांत का,कहलाये एकदंत
भ्राता कार्तिकेयन से विश्व परिक्रमा की शरत लगायी
जीत गए माता पिता की कर परिक्रमा, क्या कमाल की जुगत लगायी
हे गणपति आपसे बस इतनी वंदना
आपका आशीर्वाद हम पर सदा ही रखना
ओम गण गणपतये नमः।
गणपति बप्पा मोरिया
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