कृष्णा
काली अंधेरी रात में
मूसलाधार बरसात में
जन्मा जो बालक था
वो जगत का पालक था
जन्मा कारागार में
देवकी लाई उसे संसार में
नंद यशोधा ने उसे बड़ा किया
पैरों पर अपने खड़ा किया
गायें चराने जाता था
उसे माखन बहुत ही भाता था
ऋषि सदीपनि से शिक्षा पाई
गोवर्धन उठा, गांव वालो की जान बचाई
देवकी का आठवाँ पुत्र
सुदामा का सच्चा मित्र
राधा उसका पहला प्यार
किया राक्षसों का संहार
रुक्मणी से बयाह रचाया
द्वारका का शहर बसाया
जब अर्जुन के बने सारथी
कौरवों के सब हारे महारथी
छल से छल को हराया
गीतोपदेश से जीने का सार बताया
दोस्त सुदामा के पग को धोया
प्यार में राधा के वो खोया
प्रभु विष्णु का आठवां अवतार
जब जन्मा तब था, भाद्रपद का आठवां वार
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